Tuesday, February 28, 2023

आमलकी एकादशी (Aamalki Ekadashi)

 

आमलकी एकादशी

एकादशी तिथि प्रारम्भ 2 मार्च 2023 को 6:39 AM से

एकादशी तिथि समाप्त 3 मार्च 2023 - 9:11 AM तक

उदया तिथि के अनुसार आमलकी एकादशी व्रत शुक्रवार 3 मार्च 2023 को रखा जायेगा। 

व्रत पारण(तोड़ने) का समय - 6:44 AM से 9:03 AM तक 



आमलकी एकादशी या रंग भरी एकादशी - 

आमलकी एकादशी को आंवला एकादशी और रंगभरी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी के साथ-साथ आंवले के पेड़ की पूजा होती है।आंवले के पेड़ को देव वृक्ष कहा जाता है क्योंकि उसमे देवताओ का वास होता है आंवले के पेड़ की पूजा करने से सभी देवों का आशीर्वाद मिलता है।इस दिन आंवले के पौधे को लगाने से सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। 

ब्रज में होली का पर्व होलाष्टक से शुरू होता हैं। वही वाराणसी में होली का पर्व रंगभरी एकादशी (आमलकी एकादशी) से शुरू होती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार महाशिवरात्रि पर विवाह के बाद भगवान शिव और माता पार्वती पहली बार इसी दिन अपनी प्रिय नगरी काशी आए थे, इसलिए इस दिन से वाराणसी में रंग खेलने का सिलसिला शुरू हो जाता है।


साल में  ये एकमात्र ऐसी एकादशी है जिसमें विष्णु जी के अलावा भगवान शंकर और माता पार्वती की पूजा भी की जाती है।

एकादशी के अगले दिन स्नान कर भगवान विष्णु तथा माता लक्ष्मी की उपासना कर जरूरतमंद तथा गरीबों को कलश, वस्त्र और आंवला आदि का दान करना चाहिए। इसके बाद भोजन ग्रहण कर उपवास खोलना चाहिए ।


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